मेरी कलम से ....................मेघना
जिंदगी में तुम हमारी आओ
दिल ने ये सोचा है कब से
हाथों की लकीरों में अपनी
तुम्हे हम ढूंढते है कब से
खुश रहो तुम ये दुआ है रब से
इश्क तुम्ही से करते है हम कितना
ये तुम्हे तो मालूम नही ..............
यादें दिल में रख कर जियेंगे अब से !!!!!!!
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MERI KALAM SE..................................MEGHNA
ZINDAGI MEIN TUM HAMARI AAO
DIL NE YE SOCHA HAI KAB SE
HAATHON KI LAKEERON MEIN APNI
TUMHE HAM DHOONDHTE HAI KAB SE
KHUSH RAHO TUM YE DUA HAI RAB SE
ISHQ TUMHI SE KARTE HAI HAM ITNA
YE TUMHE TO MAALOOM NAHI..............
YAADEN DIL MEIN RAKH KAR JIYENGE AB SE !!!
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