(हिन्दी में )
मेरी कलम से.............मेघना
तुम्हारा एहसास
....................................
ये पत्तो की सरसराहट है आहट है तुम्हारी
ये हवा का झोंका है खुशबू तुम्हारी
ये दिल का आइना है या सूरत है तुम्हारी
ये तारों का झुरमुठ है या चुनरिया है तुम्हारी
ये बादलों की टोली है या जुल्फें है तुम्हारी
ये आंसुओं का समंदर है या याद है तुम्हारी
हमें तो बस इतना बता दो तुम..................
हम जान है तुम्हारी के तुम जान हो हमारी
............................................................................................................................................................................
(IN ENGLISH)
MERI KALAM SE.............MEGHNA
TUMHARA EHSAAS .
....................................
YE PATTO KI SARSRAHAT HAI YA AAHAT HAI TUMHARI
YE HAWA KA JHONKA HAI YA KUSHBU HAI TUMHARI
YE DIL KA AAINA HAI YA SOORAT HAI TUMHARI
YE TAARON KA JHURMUTH HAI YA CHUNARIA HAI TUMHARI
YE BAADLON KI TOLI HAI YA ZULFEIN HAI TUMHARI
YE AANSUON KA SAMANDAR HAI YA YAD HAI TUMHARI
HAME TO BAS ITNA BATA DO TUM..................
HAM JAAN HAI TUMHARI KE TUM JAAN HO HAMARI
Monday, September 1, 2008
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment